सावन में कड़ी और साग क्यों नहीं खाना चाहिए | और आयुर्वेद क्या कहता है सावन में क्या खाये – क्या नहीं आइये जानते है

सावन के इस पवित्र महीने में खान पान का विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए | और यह बात तब बहुत जरूरी हो जाती है जब बात अपने परिवार की हो , इस ब्लॉगपोस्ट में हम जानेगे की सावन में कड़ी और साग क्यों नहीं खाना चाहिए और क्या खाना हम खा सकते है और क्या खाना हम नहीं खा सकते तो चलिए जानते है |

सावन के महीने में किन बातो का ध्यान रखना चाहिए |आयुर्वेद क्या कहता है

सावन के महीने में हमेशा बारिश होती है और बारिश के इस मौसम में पाचन शक्ति काम हो जाती है | हमारी जो खाना पचने में जिस शक्ति का प्रयोग होता है वह अच्छे से काम नहीं करती इसीलिए ज्यादा खाना खाने से हमेशा बचे | बारिश के मौषम में हमेसा हल्का भोजन करना चाहिए , और ध्यान ही सारा भोजन न करे क्युकी उस समय भोजन पचने में ज्यादा समय और ज्यादा ऊर्जा लगती है, इस बात का ध्यान रखे और हमेसा कम कम भोजान करे चाहते दिन में 4 बार भोजन करना पड़े | इसीलिए लोग पूंछते है सावन में कड़ी और साग क्यों नहीं खाना चाहिए | कम भोजन करने से हमारी पाचन शक्ति अच्छे काम करती है जिससे खाना अच्छे से पच जाता है |

सावन में कड़ी और साग क्यों नहीं खाना चाहिए |

आयुर्वेद के अनुसान बारिश के मौसम में पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है, इस समय जब कड़ी बेसन और छाछ से बनती है है और बेसन हमारे पेट के लिए भारी मानी जाती है ,छांछ भी इस समय ठंडी और खट्टी पड़ जाती है जिससे गैस और अपच जैसी समस्याएं हो सकती है | इसीलिए सावन के मौसम में कड़ी और साग जैसे चीजे नहीं कहानी चाहिए | क्योकि यह सावन का मौसम गरम और ठंडा दोनों होता रहता है इसीलिए हमारा शरीर भी आलसी हो जाता है इसीलिए इन बातप का ध्यान रखे | आपकी सेहत आपके लिए सबसे जरुरी है |

क्या बारिश में साग और हरी पत्तेदार सब्जिया कहानी चाहिए नहीं

बारिश के मौसम में कीड़े और पतंगे बहुत ज्यादा निकलते है , और साग , हरी पत्तेदार सब्जियां पचना मुश्किल हो जाता है | इस्नमेँ मानसून के समय कीटाड़ू लेन का खरता बढ़ जाता है इसलिए साग, हरी पत्तेदार सब्जियां में अपच हो जाती है और हमारा पेट ख़राब हो सकता है और इन्फेक्शन का खतरा भी बढ़ सकता है |

बारिश के मौसम में क्या खाना चाहिए

बारिश के मौसम में ज्यादातर फल,दूध,घी, और साबुत अनाज का सेवन करना चाहिए | यह शरीर के लिए फायदेमंद मन जाता है यह शरीर को न सिर्फ ऊर्जा देते है बक्ली पाचन भी आसान रहता है धार्मिक रूप में भी सावन में सात्विक और हल्का भोजन करना ही उत्तम मन गया है , बारिश के मौसम में अपना और अपने परिवार का धध्यान रखे

सावन के सबसे ज्यादा लोग क्या कहते है

मूंग दाल,खिचड़ी, लौकी, तोरी, परवल,अदरक ,हल्दी, काली मिर्च,जीरा, तुलसी,मौसमी फल,गुनगुना पानी

मच्छरों से बचाव करें

घर के आसपास पानी जमा न होने दें। मच्छरदानी या रिपेलेंट का उपयोग करें। डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें।

फलों को धोकर खाएं

मौसमी फल जैसे सेब, नाशपाती, अमरूद आदि अच्छी तरह धोकर खाएं। कटे हुए फल बाहर से खरीदकर खाने से बचें।

पाचन का विशेष ध्यान रखें

बारिश में पाचन शक्ति (अग्नि) कमजोर मानी जाती है। इसीलिए इन बातो पर विशेष ध्यान रखे

  • अधिक तला-भुना भोजन कम खाएं।
  • फास्ट फूड और जंक फूड से बचें।
  • भोजन अच्छी तरह चबा-चबाकर खाएं।

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